8085 पिन डायग्राम मास्टरक्लास
बस संरचना विश्लेषण
8085 बस की संरचना
माइक्रोप्रोसेसर को मेमोरी और अन्य डिवाइसेस के साथ संचार करने के लिए रास्तों की आवश्यकता होती है। इन रास्तों को बस कहा जाता है। 8085 माइक्रोप्रोसेसर, जो एक 40-पिन (IC) है, इस संचार के लिए एड्रेस बस और डेटा बस का उपयोग करता है।
पिनों की संख्या सीमित होने के कारण, 8085 के डिजाइनरों ने एक चतुर समाधान निकाला: कुछ पिनों को कई उद्देश्यों के लिए उपयोग करना। इस तकनीक को मल्टीप्लेक्सिंग कहा जाता है और यह 8085 के बस संचालन के केंद्र में है।
मल्टीप्लेक्स्ड एड्रेस/डेटा बस
8085 में 16-बिट की एड्रेस बस होती है, जो इसे $2^{16}$ यानी 65,536 मेमोरी लोकेशन को एड्रेस करने की क्षमता देती है। इसमें 8-बिट की डेटा बस भी होती है। लेकिन इन सभी के लिए अलग-अलग पिन नहीं होते।
इसके बजाय, पिन AD0 से AD7 तक दोहरी भूमिका निभाते हैं। एक मशीन साइकिल की शुरुआत में, वे 16-बिट एड्रेस के निचले 8 बिट्स (A0-A7) को ले जाते हैं। बाद में उसी साइकिल में, वे 8-बिट डेटा (D0-D7) को ले जाने के लिए स्विच हो जाते हैं। इस दोहरे उपयोग के कारण इन्हें मल्टीप्लेक्स्ड एड्रेस/डेटा बस कहा जाता है।
यह मल्टीप्लेक्सिंग चिप पर पिनों की संख्या को कम करती है, जिससे डिजाइन सरल और अधिक लागत प्रभावी हो जाता है।
दूसरी ओर, पिन A8 से A15 तक केवल एक ही कार्य करते हैं। वे हमेशा 16-बिट एड्रेस के ऊपरी 8 बिट्स (A8-A15) को ले जाते हैं। इसलिए, इन्हें हायर-ऑर्डर एड्रेस बस कहा जाता है और ये मल्टीप्लेक्स्ड नहीं होती हैं।
| पिन समूह | कार्य | प्रकार |
|---|---|---|
| A8 – A15 | एड्रेस के ऊपरी 8 बिट्स (Higher-Order) | यूनिडायरेक्शनल |
| AD0 – AD7 | एड्रेस के निचले 8 बिट्स (Lower-Order) और डेटा | बाईडायरेक्शनल |
एड्रेस और डेटा को अलग करना
चूंकि AD0-AD7 पिन एड्रेस और डेटा दोनों को ले जाते हैं, इसलिए मेमोरी को यह जानना आवश्यक है कि किस समय कौन सी जानकारी बस पर है। यह (ALE) नामक एक विशेष कंट्रोल सिग्नल द्वारा प्रबंधित किया जाता है।
जब 8085 को मेमोरी को एक्सेस करने की आवश्यकता होती है, तो यह पहले पूरी 16-बिट एड्रेस बस पर डालता है। ठीक इसी समय, यह ALE सिग्नल को क्षण भर के लिए हाई (1) कर देता है। यह बाहरी सर्किटरी के लिए एक संकेत है कि AD0-AD7 बस पर अभी एड्रेस के निचले 8 बिट्स मौजूद हैं।
इस संकेत का उपयोग करके, एक बाहरी लैच (जैसे 74LS373) एड्रेस के इन 8 बिट्स को "पकड़" लेता है और उन्हें तब तक रोके रखता है जब तक कि मेमोरी ऑपरेशन पूरा नहीं हो जाता।
एक बार जब एड्रेस लैच हो जाता है, तो AD0-AD7 बस डेटा ले जाने के लिए स्वतंत्र हो जाती है। प्रोसेसर या तो मेमोरी से डेटा पढ़ सकता है (रीड ऑपरेशन) या मेमोरी में डेटा लिख सकता है (राइट ऑपरेशन)। क्योंकि डेटा दोनों दिशाओं में प्रवाहित हो सकता है, AD0-AD7 बस बाईडायरेक्शनल है, जबकि A8-A15 बस केवल यूनिडायरेक्शनल है क्योंकि एड्रेस हमेशा प्रोसेसर से बाहर जाता है।
8085 माइक्रोप्रोसेसर में एड्रेस और डेटा बस को मल्टीप्लेक्स करने का मुख्य कारण क्या है?
8085 माइक्रोप्रोसेसर में एड्रेस लैच इनेबल (ALE) सिग्नल का क्या कार्य है?
इस प्रक्रिया को डीमल्टीप्लेक्सिंग कहा जाता है। यह 8085 को कम पिनों का उपयोग करके एक पूर्ण 16-बिट एड्रेस और 8-बिट डेटा बस दोनों के कार्य को प्राप्त करने की अनुमति देता है, जो कुशल हार्डवेयर डिजाइन का एक प्रमुख उदाहरण है।
