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बट्टा और बिक्री मूल्य

अंकित मूल्य और बट्टा क्या है?

जब आप बाज़ार में कोई वस्तु खरीदने जाते हैं, तो उसके पैकेट पर या टैग पर एक कीमत छपी होती है। इसे वस्तु का अंकित मूल्य (Marked Price) कहते हैं। यह वह कीमत है जिसे विक्रेता वस्तु के लिए पाना चाहता है।

लेकिन त्योहारों या खास मौकों पर, दुकानें 'सेल' या 'छूट' की पेशकश करती हैं। यह छूट ही 'बट्टा' (Discount) है। बट्टा वह राशि है जो अंकित मूल्य से कम कर दी जाती है। बट्टा घटाने के बाद आप जो कीमत चुकाते हैं, उसे 'विक्रय मूल्य' (Selling Price) कहा जाता है।

बट्टा

noun

किसी वस्तु के अंकित मूल्य पर दी जाने वाली छूट। यह एक निश्चित राशि या अंकित मूल्य का प्रतिशत हो सकता है।

इन तीनों के बीच का संबंध बहुत सरल है।

विक्रय मूल्य=अंकित मूल्यबट्टा\text{विक्रय मूल्य} = \text{अंकित मूल्य} - \text{बट्टा}

मान लीजिए एक शर्ट का अंकित मूल्य ₹800 है और दुकानदार उस पर ₹100 का बट्टा दे रहा है। तो उसका विक्रय मूल्य ₹700 (₹800 - ₹100) होगा।

बट्टे की गणना कैसे करें?

बट्टा ज़्यादातर प्रतिशत (percentage) के रूप में दिया जाता है, जैसे '20% की छूट'। इस प्रतिशत की गणना हमेशा अंकित मूल्य पर की जाती है।

उदाहरण: एक जूते की जोड़ी का अंकित मूल्य ₹1500 है और उस पर 20% का बट्टा है। विक्रय मूल्य क्या होगा?

पहला चरण: बट्टे की राशि निकालें। बट्टा अंकित मूल्य का 20% है।

बट्टा=1500 का 20%=1500×20100\text{बट्टा} = 1500 \text{ का } 20\% = 1500 \times \frac{20}{100}

बट्टे की राशि = ₹300

दूसरा चरण: विक्रय मूल्य निकालें। अब अंकित मूल्य में से बट्टे की राशि घटा दें।

विक्रय मूल्य=1500300=1200\text{विक्रय मूल्य} = ₹1500 - ₹300 = ₹1200

अतः, 20% बट्टे के बाद जूते का विक्रय मूल्य ₹1200 होगा।

जब एक से ज़्यादा बट्टे हों

कभी-कभी, दुकानें एक ही वस्तु पर एक से अधिक बट्टे देती हैं। इन्हें क्रमागत बट्टा (Successive Discounts) कहते हैं। उदाहरण के लिए, '50% + 20% की छूट'।

इसका मतलब 70% की सीधी छूट नहीं है! यह एक आम गलती है। आइए देखें कि इसकी गणना कैसे की जाती है।

मान लीजिए एक जैकेट का अंकित मूल्य ₹2000 है और उस पर '50% + 20%' का बट्टा है।

पहला बट्टा (50%): पहले हम अंकित मूल्य पर 50% का बट्टा निकालेंगे।

पहला बट्टा=2000×50100=1000\text{पहला बट्टा} = 2000 \times \frac{50}{100} = ₹1000

पहले बट्टे के बाद कीमत: ₹2000 - ₹1000 = ₹1000

दूसरा बट्टा (20%): अब दूसरा बट्टा, यानी 20%, बची हुई कीमत (₹1000) पर लागू होगा, न कि शुरुआती अंकित मूल्य पर।

दूसरा बट्टा=1000×20100=200\text{दूसरा बट्टा} = 1000 \times \frac{20}{100} = ₹200

अंतिम विक्रय मूल्य: ₹1000 - ₹200 = ₹800

तो, '50% + 20%' के बट्टे के बाद जैकेट ₹800 में मिलेगी।

अब कुल बट्टे को देखें। कुल बट्टा = ₹1000 + ₹200 = ₹1200। कुल बट्टा प्रतिशत क्या है?

\text{कुल बट्टा %} = \frac{\text{कुल बट्टा}}{\text{अंकित मूल्य}} \times 100 = \frac{1200}{2000} \times 100 = 60\%

क्रमागत बट्टों का मतलब उन्हें सीधे जोड़ना नहीं है। दूसरा बट्टा हमेशा घटी हुई कीमत पर लागू होता है।

बट्टे की गणना करना यह समझने में मदद करता है कि आप वास्तव में कितनी बचत कर रहे हैं और क्या कोई सौदा उतना अच्छा है जितना वह दिखता है।

Quiz Questions 1/4

किसी वस्तु के अंकित मूल्य में से बट्टा घटाने के बाद जो कीमत प्राप्त होती है, उसे क्या कहते हैं?

Quiz Questions 2/4

एक किताब का अंकित मूल्य ₹500 है और उस पर 10% का बट्टा है। किताब का विक्रय मूल्य क्या होगा?