बिहार बोर्ड 10वीं नॉन हिंदी परीक्षा तैयारी 2024
वस्तुनिष्ठ प्रश्न संग्रह
वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की अचूक तैयारी
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की नॉन-हिंदी परीक्षा में आधे अंक वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के होते हैं। यह एक शानदार अवसर है पूरे अंक लाने का, अगर आपकी तैयारी सही हो। इस गाइड में हम 'किशलय भाग-3' के उन पाठों पर ध्यान देंगे जिनसे सबसे ज़्यादा सवाल पूछे जाते हैं, जैसे 'तू ज़िंदा है तो', 'ईदगाह', 'कर्मवीर' और 'बच्चे की दुआ'। हम रचनाकारों के नाम, कहानियों के पात्रों और मुख्य घटनाओं से जुड़े तथ्यों को देखेंगे ताकि आप परीक्षा में कोई गलती न करें।
तू ज़िंदा है तो: आशा का गीत
यह कविता गहरे आत्मविश्वास और आशा को दर्शाती है। इसके कवि शंकर शैलेन्द्र हैं। यह कविता हमें सिखाती है कि चाहे जीवन में कितनी भी मुश्किलें क्यों न हों, हमें उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए और अतीत के दुखों को भूलकर भविष्य की ओर देखना चाहिए।
परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है:
- 'तू ज़िंदा है तो...' कविता के रचयिता कौन हैं? - शंकर शैलेन्द्र
- यह कविता क्या प्रेरणा देती है? - निराशा को त्यागकर आशा और जीत में विश्वास रखने की।
- 'कारवां को किसका इंतज़ार है?' - मंज़िलों का।
याद रखें: इस कविता का केंद्रीय भाव 'आशावाद' है। विकल्प में जब भी आशा, उत्साह या जीत से जुड़ा कोई शब्द दिखे, तो वह सही उत्तर हो सकता है।
ईदगाह: एक कहानी, अनेक प्रश्न
यह कहानी बाल मनोविज्ञान पर आधारित एक मार्मिक रचना है। इसके लेखक मुंशी प्रेमचंद हैं, जिन्हें 'उपन्यास सम्राट' भी कहा जाता है। कहानी का मुख्य पात्र हामिद है, जो अपनी दादी अमीना के साथ रहता है।
कहानी से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य जो सीधे प्रश्न बनते हैं:
- हामिद की उम्र: 4-5 साल
- दादी का नाम: अमीना
- हामिद के पास कुल पैसे: तीन पैसे
- चिमटे की कीमत: तीन पैसे (दुकानदार ने पहले छह पैसे बताए थे)
- ईदगाह गाँव से कितनी दूर था: तीन कोस
| दोस्त का नाम | खरीदा गया खिलौना |
|---|---|
| महमूद | सिपाही |
| मोहसिन | भिश्ती |
| नूरे | वकील |
| सम्मी | खंजरी |
यह तालिका याद रखना बहुत ज़रूरी है क्योंकि इससे अक्सर मिलान करने वाले या सीधे वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाते हैं। कहानी का अंत हामिद के चिमटे के 'रुस्तम-ए-हिंद' बनने से होता है, जो उसकी समझदारी और प्यार को दर्शाता है।
कर्मवीर और बच्चे की दुआ
'कर्मवीर' एक प्रेरणादायक कविता है जिसके रचयिता अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' हैं। यह कविता कर्मठ और परिश्रमी लोगों के गुणों का बखान करती है। इससे बनने वाले कुछ मुख्य प्रश्न हैं:
- कर्मवीर किसे देखकर घबराते नहीं हैं? - बाधा या विघ्न को।
- 'चिलचिलाती धूप को जो चाँदनी देवे बना' का क्या अर्थ है? - कड़ी मेहनत से असंभव काम को भी संभव बनाना।
- हीरा किससे बनता है? - कार्बन से (कर्मवीर के संदर्भ में, वे कठिन परिस्थितियों में भी चमकते हैं)।
वहीं, 'बच्चे की दुआ' एक प्रार्थना गीत है, जिसे मुहम्मद इक़बाल ने लिखा है। इसमें बच्चे ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे उन्हें बुराई से बचाएं और अच्छे रास्ते पर चलने की शक्ति दें।
- 'मेरे अल्लाह! बुराई से बचाना मुझको' किस कविता की पंक्ति है? - बच्चे की दुआ।
- कविता में 'अंधेरा' किसका प्रतीक है? - अज्ञानता और बुराई का।
इन चारों पाठों से वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की संख्या सबसे अधिक होती है। यदि आप लेखक, पात्र और मुख्य घटनाओं से जुड़े इन तथ्यों को याद कर लेते हैं, तो आप आसानी से अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।
अब जब हमने मुख्य बिंदुओं को कवर कर लिया है, तो कुछ प्रश्नों के साथ अपनी तैयारी को परखें।
'तू ज़िंदा है तो...' कविता के रचयिता कौन हैं?
'ईदगाह' कहानी के मुख्य पात्र हामिद के पास कितने पैसे थे?
इन प्रश्नों का नियमित अभ्यास आपको परीक्षा में निश्चित रूप से सफलता दिलाएगा। शुभकामनाएँ!
