उर्दू पढ़ना और लिखना सीखें
उर्दू अक्षरों की पहचान
उर्दू अक्षर
उर्दू वर्णमाला को हुरूफ-ए-तहज्जी कहा जाता है। इसमें कुल 38 अक्षर होते हैं। यह फ़ारसी-अरबी लिपि पर आधारित है और इसे हिंदी की तरह बाएँ से दाएँ नहीं, बल्कि दाएँ से बाएँ लिखा जाता है।
चूंकि आप हिंदी जानते हैं, इसलिए आपके लिए उर्दू सीखना आसान होगा। कई ध्वनियाँ बिल्कुल वैसी ही हैं जैसी देवनागरी में होती हैं। इस लेख में, हम हर अक्षर के पूरे रूप (मुकम्मल हुरूफ) को पहचानना सीखेंगे।
हुरूफ-ए-तहज्जी
noun
उर्दू भाषा की वर्णमाला, जिसमें सभी अक्षर शामिल हैं। 'हुरूफ' का अर्थ है 'अक्षर' (एकवचन 'हर्फ़') और 'तहज्जी' का अर्थ है 'हिज्जे करना'।
अलिफ़ से ख़े
आइए अक्षरों के पहले समूह से शुरुआत करें। ध्यान दें कि कई अक्षरों का आकार एक जैसा होता है, लेकिन उनमें बिंदुओं की संख्या या स्थान अलग-अलग होता है। इन बिंदुओं को नुक्ता कहते हैं और ये ध्वनि बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
| उर्दू अक्षर | नाम | देवनागरी ध्वनि |
|---|---|---|
| ا | अलिफ़ | अ, आ |
| ب | बे | ब |
| پ | पे | प |
| ت | ते | त |
| ٹ | टे | ट |
| ث | से | स (ज़बान दाँतों के बीच) |
| ج | जीम | ज |
| چ | चे | च |
| ح | हे | ह (गले से) |
| خ | ख़े | ख़ |
आपने देखा कि 'ब', 'प', 'त' और 'ट' के मूल आकार कैसे समान हैं? केवल नुक्ता ही उन्हें अलग करता है। 'ब' (ب) में एक नुक्ता नीचे होता है, जबकि 'प' (پ) में तीन नुक्ते नीचे होते हैं। इसी तरह, 'त' (ت) में दो नुक्ते ऊपर और 'ट' (ٹ) में एक छोटा 'ط' का निशान होता है। यह पैटर्न उर्दू लिपि में आम है।
दाल से ज़्वाद
अब अगले समूह पर चलते हैं। यहाँ भी आपको नुक्ते और छोटे निशानों से अक्षरों में अंतर दिखेगा। कुछ ध्वनियाँ हिंदी में समान लग सकती हैं, लेकिन उनके उच्चारण में सूक्ष्म अंतर होता है।
| उर्दू अक्षर | नाम | देवनागरी ध्वनि |
|---|---|---|
| د | दाल | द |
| ڈ | डाल | ड |
| ذ | ज़ाल | ज़ |
| ر | रे | र |
| ڑ | ड़े | ड़ |
| ز | ज़े | ज़ |
| ژ | झ़े | झ़ (vision वाला) |
| س | सीन | स |
| ش | शीन | श |
| ص | स्वाद | स (मोटी ध्वनि) |
| ض | ज़्वाद | ज़ (मोटी ध्वनि) |
ध्यान दें: 'س', 'ص', और 'ث' तीनों की ध्वनि 'स' जैसी है, और 'ز', 'ض', और 'ذ' की ध्वनि 'ज़' जैसी है। इनका अंतर उच्चारण की बारीकी और शब्द के मूल (अरबी) पर निर्भर करता है। शुरुआत में, इन्हें एक ही ध्वनि मानना ठीक है।
तोए से ये
यह वर्णमाला का अंतिम भाग है। इसमें कुछ विशेष ध्वनियाँ शामिल हैं जो सीधे गले या हलक से निकलती हैं, जैसे 'ऐन' (ع) और 'क़ाफ़' (ق)।
| उर्दू अक्षर | नाम | देवनागरी ध्वनि |
|---|---|---|
| ط | तोए | त (मोटी ध्वनि) |
| ظ | ज़ोए | ज़ (मोटी ध्वनि) |
| ع | ऐन | अ, आ (गले से) |
| غ | ग़ैन | ग़ |
| ف | फ़े | फ़ |
| ق | क़ाफ़ | क़ |
| ک | काफ़ | क |
| گ | गाफ़ | ग |
| ل | लाम | ल |
| م | मीम | म |
| ن | नून | न |
| و | वाव | व, उ, ऊ, ओ, औ |
| ہ | हे (छोटी) | ह |
| ء | हम्ज़ा | 'य' जैसी हल्की ध्वनि |
| ی | ये (छोटी) | य, इ, ई, ए, ऐ |
| ے | ये (बड़ी) | ऐ |
बहुत बढ़िया! आपने उर्दू वर्णमाला के सभी अक्षरों के पूर्ण रूपों को देख लिया है। याद रखें, ये अक्षर जब शब्दों में जुड़ते हैं तो अपना रूप थोड़ा बदल लेते हैं, जिसे हम बाद में सीखेंगे। अभी के लिए, इन आकृतियों और उनकी ध्वनियों को पहचानने का अभ्यास करें।
अब जब आप अक्षरों से परिचित हो गए हैं, तो अपनी समझ को परखने का समय आ गया है।
उर्दू वर्णमाला को क्या कहा जाता है?
उर्दू अक्षरों के आकार को अलग करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बिंदुओं को क्या कहते हैं?
इन अक्षरों को बार-बार देखने और लिखने से ये आपकी याददाश्त में बस जाएँगे। अगले पाठ में, हम देखेंगे कि ये अक्षर आपस में जुड़कर शब्द कैसे बनाते हैं।