विद्युत दुर्घटना में कृत्रिम श्वसन तकनीक
पीड़ित की प्रारंभिक सुरक्षा
पीड़ित की पहली सुरक्षा
बिजली का झटका लगने की स्थिति में, सबसे पहली और ज़रूरी बात पीड़ित को बिजली के स्रोत से अलग करना है। लेकिन, इसमें ज़रा सी भी चूक आपको भी ख़तरे में डाल सकती है। आपकी पहली प्रतिक्रिया कभी भी सीधे पीड़ित को छूने की नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से बिजली का करंट आपके शरीर से भी गुज़र सकता है और आप भी एक पीड़ित बन सकते हैं।
स्रोत को बंद करें
पीड़ित को अलग करने का सबसे सुरक्षित तरीका बिजली के स्रोत को ही बंद कर देना है।
- मुख्य स्विच ढूंढें: तुरंत उस जगह का मेन स्विच, फ़्यूज़ बॉक्स, या बंद कर दें। अगर उपकरण प्लग में लगा है, तो उसे सीधे सॉकेट से निकाल दें।
- अगर स्रोत बंद नहीं हो सकता: कुछ स्थितियों में, आप तुरंत बिजली बंद नहीं कर सकते। ऐसी स्थिति में, पीड़ित को स्रोत से दूर हटाने के लिए आपको किसी गैर-प्रवाहकीय वस्तु का इस्तेमाल करना होगा। सूखी लकड़ी (जैसे झाड़ू का हैंडल), रबर की चटाई, प्लास्टिक की कुर्सी या मोटे, सूखे कपड़े का इस्तेमाल करें। याद रखें, वस्तु पूरी तरह सूखी होनी चाहिए।
इस प्रक्रिया के दौरान, ख़ुद को भी सुरक्षित रखना ज़रूरी है। किसी सूखी और गैर-प्रवाहकीय सतह पर खड़े हों, जैसे रबर की चप्पल या सूखी लकड़ी का तख्ता।
आसपास के ख़तरों का आकलन
पीड़ित को बिजली के स्रोत से अलग करने के बाद, तुरंत आसपास के माहौल का जायज़ा लें। क्या कोई और ख़तरा मौजूद है? उदाहरण के लिए:
- ऊंचाई से गिरना: अगर पीड़ित को किसी ऊंचाई (जैसे सीढ़ी या खंभे) पर झटका लगा है, तो उसे गिरने से बचाने के लिए सहारा दें। गिरने से उसे सिर या लग सकती है।
- आग या पानी: देखें कि क्या आसपास पानी फैला है या शॉर्ट सर्किट से आग लगने का ख़तरा है। पानी बिजली का अच्छा सुचालक होता है, इसलिए यह ख़तरे को और बढ़ा सकता है।
- यातायात: अगर घटना सड़क पर हुई है, तो आने-जाने वाले ट्रैफिक से पीड़ित और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें।
अगर पीड़ित बेहोश है और आपको गर्दन या रीढ़ की हड्डी में चोट लगने का शक है, तो उसे बिल्कुल न हिलाएं, जब तक कि कोई बड़ा ख़तरा न हो। गलत तरीके से हिलाने पर चोट गंभीर हो सकती है।
मदद के लिए पुकारें
जैसे ही आप स्थिति को सुरक्षित कर लें, तुरंत मदद के लिए आवाज़ लगाएँ और आपातकालीन सेवाओं को फ़ोन करें। फ़ोन पर ऑपरेटर को स्पष्ट रूप से बताएँ:
- घटना कहाँ हुई है (सटीक पता दें)।
- क्या हुआ है (बताएँ कि बिजली का झटका लगा है)।
- पीड़ित की स्थिति (जैसे, वह बेहोश है, साँस ले रहा है या नहीं)।
- आपका नाम और फ़ोन नंबर।
फ़ोन तब तक न काटें जब तक ऑपरेटर आपको ऐसा करने के लिए न कहे। वे आपको फ़ोन पर ही ज़रूरी निर्देश दे सकते हैं, जैसे कि कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (), जिसे हम अगले भाग में सीखेंगे।
यह प्रारंभिक सुरक्षा प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि पीड़ित और बचावकर्ता दोनों सुरक्षित रहें। एक बार जब यह पूरा हो जाता है, तभी आप प्राथमिक चिकित्सा के अगले कदमों पर आगे बढ़ सकते हैं।
