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कोशिका संरचना और अंगक

राइबोसोम: प्रोटीन की फैक्ट्री

कोशिकाओं में प्रोटीन का संश्लेषण राइबोसोम द्वारा किया जाता है। ये राइबोन्यूक्लिक एसिड (RNA) और प्रोटीन से बने होते हैं। प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाओं में राइबोसोम की संरचना में महत्वपूर्ण अंतर होता है।

प्रोकैरियोट्स, जैसे बैक्टीरिया, में होते हैं। ये 50S और 30S की दो सबयूनिट से मिलकर बने होते हैं। ये सबयूनिट साइटोप्लाज्म में स्वतंत्र रूप से तैरते रहते हैं। इसके विपरीत, यूकैरियोट्स में 80S राइबोसोम होते हैं, जो 60S और 40S सबयूनिट से बने होते हैं। ये या तो साइटोप्लाज्म में स्वतंत्र होते हैं या एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम की सतह से जुड़े होते हैं।

विशेषताप्रोकैरियोटिक राइबोसोमयूकैरियोटिक राइबोसोम
प्रकार70S80S
बड़ी सबयूनिट50S60S
छोटी सबयूनिट30S40S
स्थानसाइटोप्लाज्म में मुक्तसाइटोप्लाज्म में मुक्त या ER से जुड़े

यहां 'S' को दर्शाता है, जो अवसादन गुणांक का एक माप है, न कि सीधे तौर पर द्रव्यमान का। यही कारण है कि सबयूनिट्स (50S + 30S) का योग कुल (70S) के बराबर नहीं होता है।

एंडोमेम्ब्रेन तंत्र: एक समन्वित इकाई

यूकैरियोटिक कोशिकाओं में, कुछ झिल्ली-बद्ध अंग एक साथ मिलकर एक एंडोमेम्ब्रेन तंत्र बनाते हैं। इस तंत्र के घटक एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (ER), गॉल्जी उपकरण, लाइसोसोम और रसधानी हैं। वे प्रोटीन और लिपिड के संश्लेषण, संशोधन, पैकेजिंग और परिवहन के लिए एक समन्वित इकाई के रूप में काम करते हैं।

यह प्रक्रिया खुरदरे ER (RER) पर शुरू होती है, जहां राइबोसोम प्रोटीन बनाते हैं। इन प्रोटीनों को फिर पुटिकाओं (vesicles) में पैक करके में भेजा जाता है। गॉल्जी में, प्रोटीनों को संशोधित किया जाता है, छांटा जाता है, और फिर से पुटिकाओं में पैक किया जाता है। ये पुटिकाएं या तो कोशिका के भीतर अन्य अंगों, जैसे लाइसोसोम, तक जाती हैं या प्लाज्मा झिल्ली के साथ विलीन होकर अपने पदार्थों को कोशिका के बाहर स्रावित कर देती हैं।

ऊर्जा परिवर्तक: माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट

माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट कोशिका के ऊर्जा केंद्र हैं, लेकिन उनकी संरचनात्मक जटिलता उन्हें अद्वितीय बनाती है। दोनों दोहरी झिल्ली वाले अंगक हैं और उन्हें अर्ध-स्वायत्त (semi-autonomous) माना जाता है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके पास अपना गोलाकार डीएनए और 70S राइबोसोम होते हैं, जो प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं के समान हैं। यह एंडोसिम्बायोटिक सिद्धांत का समर्थन करता है, जिसमें कहा गया है कि ये अंग कभी स्वतंत्र रूप से रहने वाले प्रोकैरियोट थे।

माइटोकॉन्ड्रिया: बाहरी झिल्ली चिकनी होती है, जबकि आंतरिक झिल्ली अत्यधिक मुड़ी हुई होती है, जिससे क्रिस्टी नामक संरचनाएं बनती हैं। ये मोड़ सतह क्षेत्र को बढ़ाते हैं, जो कोशिकीय श्वसन के लिए आवश्यक एंजाइमों और इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला के घटकों को समायोजित करता है। आंतरिक झिल्ली के भीतर के स्थान को मैट्रिक्स कहा जाता है।

क्लोरोप्लास्ट: इनमें, आंतरिक झिल्ली के भीतर एक तीसरा झिल्ली तंत्र होता है जिसे थाइलाकोइड्स कहा जाता है। ये चपटे, थैली जैसे होते हैं जो ग्रेना नामक ढेर में व्यवस्थित होते हैं। प्रकाश संश्लेषण की प्रकाश-निर्भर अभिक्रियाएं थाइलाकोइड झिल्ली में होती हैं। थाइलाकोइड्स को घेरने वाले द्रव को स्ट्रोमा कहा जाता है।

कोशिका कंकाल

कोशिका कंकाल प्रोटीन फिलामेंट्स का एक जटिल नेटवर्क है जो साइटोप्लाज्म में फैला होता है। यह कोशिका को उसका आकार, संरचनात्मक समर्थन और गति करने की क्षमता प्रदान करता है। इसके मुख्य घटक सूक्ष्म नलिकाएं (microtubules) और सूक्ष्म फिलामेंट (microfilaments) हैं।

सूक्ष्म नलिकाएं: ये ट्यूबलिन प्रोटीन से बनी खोखली ट्यूब होती हैं। वे कोशिका विभाजन के दौरान गुणसूत्रों की गति के लिए जिम्मेदार तर्कु तंतु (spindle fibers) बनाती हैं। वे सीलिया और फ्लैगेला की मुख्य संरचनात्मक इकाई भी हैं, जो कोशिका की गति में मदद करती हैं।

सूक्ष्म फिलामेंट: ये एक्टिन प्रोटीन से बने ठोस छड़ होते हैं। वे कोशिका के आकार को बनाए रखने, मांसपेशियों के संकुचन, और अमीबीय गति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे कोशिका विभाजन के अंत में कोशिका को दो में विभाजित करने वाली संकुचनशील रिंग भी बनाते हैं।

अब जब हमने इन उन्नत कोशिका संरचनाओं को कवर कर लिया है, तो आइए कुछ प्रश्नों के साथ अपने ज्ञान का परीक्षण करें।

Quiz Questions 1/6

प्रोकैरियोटिक राइबोसोम किन सबयूनिट्स से मिलकर बने होते हैं?

Quiz Questions 2/6

एंडोमेम्ब्रेन प्रणाली में प्रोटीन के संशोधन, छंटाई और पैकेजिंग के लिए मुख्य रूप से कौन सा अंगक जिम्मेदार है?

कोशिका की आंतरिक कार्यप्रणाली को समझना कोशिकीय प्रक्रियाओं और रोगों के अध्ययन की नींव है।