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न्यूरल सिग्नलिंग ट्रांसमिशन

न्यूरॉन की विद्युत भाषा

एक न्यूरॉन जब 'शांत' होता है, तब भी वह आराम नहीं कर रहा होता। वह लगातार एक नाजुक विद्युत संतुलन बनाए रखता है, जिसे रेस्टिंग पोटेंशियल (विश्राम क्षमता) कहते हैं। कल्पना कीजिए कि न्यूरॉन एक छोटी बैटरी है, जिसका अंदर का हिस्सा बाहर की तुलना में थोड़ा अधिक निगेटिव चार्ज वाला होता है। यह अंतर लगभग -70 मिलीवोल्ट का होता है।

यह निगेटिव चार्ज मुख्य रूप से कोशिका के अंदर मौजूद बड़े, निगेटिव चार्ज वाले प्रोटीन और बाहर की तुलना में अंदर पोटेशियम आयनों (K+K^+) की अधिक सांद्रता के कारण होता है। वहीं, कोशिका के बाहर सोडियम आयनों (Na+Na^+) की भरमार होती है। यह असंतुलन नामक एक उल्लेखनीय आणविक मशीन द्वारा सक्रिय रूप से बनाए रखा जाता है। यह पंप लगातार तीन सोडियम आयनों को बाहर धकेलता है और दो पोटेशियम आयनों को अंदर खींचता है, जिससे अंदर का वातावरण निगेटिव बना रहता है।

ऐक्शन पोटेंशियल: सब कुछ या कुछ नहीं

जब एक न्यूरॉन को पर्याप्त रूप से शक्तिशाली संकेत मिलता है, तो यह रेस्टिंग पोटेंशियल बाधित हो जाता है। यदि उत्तेजना कोशिका के चार्ज को एक निश्चित सीमा, जिसे थ्रेसहोल्ड पोटेंशियल (लगभग -55mV) कहते हैं, तक बढ़ा देती है, तो एक नाटकीय घटना शुरू हो जाती है: ऐक्शन पोटेंशियल।

यह एक 'सब कुछ या कुछ नहीं' वाला नियम है। या तो ऐक्शन पोटेंशियल अपनी पूरी ताकत से सक्रिय होता है, या बिल्कुल नहीं होता। यह एक बंदूक चलाने जैसा है; ट्रिगर पर पर्याप्त दबाव होने पर गोली चलती है, कम दबाव से कुछ नहीं होता। एक बार थ्रेसहोल्ड पर पहुंचने के बाद, वोल्टेज-गेटेड सोडियम चैनल खुल जाते हैं। सोडियम आयन कोशिका में तेजी से प्रवेश करते हैं, जिससे अंदर का चार्ज क्षण भर के लिए पॉजिटिव (लगभग +40mV) हो जाता है। इस प्रक्रिया को डीपोलराइजेशन कहते हैं।

इसके तुरंत बाद, सोडियम चैनल बंद हो जाते हैं और वोल्टेज-गेटेड पोटेशियम चैनल खुल जाते हैं। अब पोटेशियम आयन कोशिका से बाहर निकलते हैं, जिससे झिल्ली का चार्ज वापस निगेटिव हो जाता है। इसे रिपोलराइजेशन कहते हैं। कभी-कभी, यह थोड़ा ज़्यादा हो जाता है और कोशिका रेस्टिंग पोटेंशियल से भी ज़्यादा निगेटिव हो जाती है, जिसे हाइपरपोलराइजेशन कहते हैं। फिर सोडियम-पोटेशियम पंप सब कुछ सामान्य कर देता है।

यह विद्युत संकेत एक्सॉन के साथ-साथ एक लहर की तरह आगे बढ़ता है, जब तक कि वह एक्सॉन टर्मिनल तक नहीं पहुंच जाता।

सिनेप्स पर संवाद

जब ऐक्शन पोटेंशियल एक्सॉन के अंत तक पहुँचता है, तो वह एक छोटे से अंतराल पर रुक जाता है जिसे सिनेप्स कहते हैं। यहाँ, विद्युत संकेत को एक रासायनिक संकेत में बदलना पड़ता है ताकि वह अगले न्यूरॉन तक पहुँच सके।

ऐक्शन पोटेंशियल के आने से एक्सॉन टर्मिनल में कैल्शियम चैनल खुल जाते हैं। कैल्शियम आयनों (Ca2+Ca^{2+}) का प्रवाह छोटी थैलियों, जिन्हें सिनेप्टिक वेसिकल्स कहते हैं, को टर्मिनल की झिल्ली के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित करता है। ये वेसिकल्स नामक रासायनिक संदेशवाहकों को सिनेप्टिक फांक में छोड़ते हैं। ये न्यूरोट्रांसमीटर फिर अगले न्यूरॉन के डेंड्राइट्स पर मौजूद विशिष्ट रिसेप्टर्स से जुड़ जाते हैं, जैसे एक चाबी एक ताले में फिट होती है।

इस जुड़ाव का प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि न्यूरोट्रांसमीटर और रिसेप्टर किस प्रकार के हैं। कुछ संयोजन उत्तेजक (excitatory) होते हैं, जबकि अन्य निरोधात्मक (inhibitory) होते हैं।

क्षमता का प्रकारविवरणपरिणाम
उत्तेजक पोस्ट-सिनेप्टिक पोटेंशियल (EPSP)प्राप्तकर्ता न्यूरॉन में पॉजिटिव आयनों (जैसे Na+Na^+) के चैनल खोलता है, जिससे कोशिका थोड़ी डीपोलराइज होती है।प्राप्तकर्ता न्यूरॉन के ऐक्शन पोटेंशियल उत्पन्न करने की संभावना बढ़ जाती है।
निरोधात्मक पोस्ट-सिनेप्टिक पोटेंशियल (IPSP)प्राप्तकर्ता न्यूरॉन में निगेटिव आयनों (जैसे ClCl^−) के चैनल खोलता है या पॉजिटिव आयनों (K+K^+) को बाहर निकालता है, जिससे कोशिका हाइपरपोलराइज होती है।प्राप्तकर्ता न्यूरॉन के ऐक्शन पोटेंशियल उत्पन्न करने की संभावना कम हो जाती है।

एक एकल न्यूरॉन एक ही समय में हजारों अन्य न्यूरॉन्स से EPSPs और IPSPs प्राप्त कर सकता है। यह इन सभी संकेतों को एकीकृत करता है। यदि उत्तेजक संकेतों का कुल योग निरोधात्मक संकेतों से अधिक होता है और झिल्ली क्षमता को थ्रेसहोल्ड तक पहुंचाता है, तो न्यूरॉन अपना स्वयं का ऐक्शन पोटेंशियल उत्पन्न करेगा। यह जटिल गणना ही तंत्रिका तंत्र में सूचना प्रसंस्करण का आधार है।

उदाहरण के लिए, ग्लूटामेट मस्तिष्क में मुख्य उत्तेजक न्यूरोट्रांसमीटर है, जो सीखने और स्मृति के लिए महत्वपूर्ण है। इसके विपरीत, (गामा-एमिनोब्यूट्रिक एसिड) मुख्य निरोधात्मक न्यूरोट्रांसमीटर है, जो चिंता को कम करने और मस्तिष्क की गतिविधि को शांत करने में मदद करता है।

यह जटिल इलेक्ट्रोकेमिकल प्रक्रिया ही वह तरीका है जिससे हमारा मस्तिष्क सोचता है, महसूस करता है और कार्य करता है। प्रत्येक विचार, प्रत्येक स्मृति, और प्रत्येक गति इन सूक्ष्म विद्युत और रासायनिक संकेतों के नृत्य का परिणाम है।

Quiz Questions 1/6

एक 'शांत' न्यूरॉन की विश्राम क्षमता (resting potential) लगभग कितनी होती है?

Quiz Questions 2/6

ऐक्शन पोटेंशियल के दौरान, डीपोलराइजेशन (depolarization) का मुख्य कारण क्या है?